विकलांग कल्याण विभाग द्वारा संचालित संस्थाये

1--विशेष विद्यालयों का संचालनः-
विकलांग कल्याण विभाग द्वारा विभिन्न प्रकार की विकलांगताओं से ग्रसित बच्चों को आवासीय एवं अनावासीय शिक्षा प्रदान करनें के उद्‌देश्य से प्रदेश में विद्यालय संचालित किये जा रहें हैं। दृष्टिबाधित छात्र/छात्राओं के विशेष शिक्षा के दृष्टिगत ब्रेललिपि आदि एवं कम्प्यूटर के माध्यम से आधुनिक अध्ययन-अध्यापन का कार्य कराये जानें की व्यवस्था की गयी है। इसी प्रकार श्रवण बाधित छात्र एवं छात्राओं को विभाग के संकेत राजकीय मूक बधिर विद्यालयों में संकेतिक भाषा के साथ-साथ आधुनिक तकनीकी/विशेष शिक्षा के अनुसार अध्ययन-अध्यापन का कार्य कराया जा रहा है। मानसिक मंदित छात्र/छात्राओं की एक्टिविटी आफ डेली लिविंग में उत्तरोत्तर सुधार लानें एवं बौधिक क्षमता के विकास के उद्‌देश्य से विशेष शिक्षा प्रदान की जा रही है।
2-विभिन्न श्रेणी के विकलांग जन हेतु कौशल विकास केन्द्रों का संचालनः-
प्रदेश में विभिन्न प्रकार की विकलांगताओं से ग्रसित विकलांग जन हेतु विभिन व्यवसायों में प्रशिक्षण प्रदान किये जानें के उद्‌देश्य से 07 कौशल विकास केन्द्रों का संचालन किया जाता है। जिनमें 05 आवासीय तथा 02 अनावासीय है। इन केन्द्रों में कम्प्यूटर साफ्‌टवेयर, मोबाइल रिपेयरिंग, ब्यूटिशियन, इंग्लिश स्पीकिंग कोर्स, कुर्सी बुनाई, निवाण बुनाई, सिलाई-कढ़ाई तथा प्रेस कटिंग आदि का प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। इसके अतिरिक्त स्वरोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाता है ताकि प्रशिक्षण प्राप्त कर आत्मनिर्भर बन सके।

3- बचपन डे केयर की स्थापना एवं संचालनः-
 
03 वर्ष से 07 वर्ष के विकलांग बच्चो को प्रीस्कूल रेडीनेस प्रशिक्षण दिलाकर दैनिक कार्य कलापो को सुगमता पूर्वक करने एव शिक्षा ग्रहण करने हेतु तेयार करने की दृष्टि से 8 जनपदो में बचपन डे केयर सेन्टर्स का संचालन किया जा रहा हैं। इन सेन्टर्स में विकलांग बच्चो को निःशुल्क शिक्षण,प्रशिक्षण,आवगमन सुविधा के साथ-साथ साईको काउन्सिलिंग स्पीचथैरेपी एवं फिजियोथैरेपी की सुविधा भी प्रदान की जाती हैं। ये सेन्टर्स जनपद लखनऊ, इलाहाबाद, वाराणसी, बरेली, झांसी, गोतमबुदनगर, सहारनपुर तथा आगरा में संचालित हैं।

4- उ०प्र० डा० शकुन्तला मिश्रा पुनर्वास विश्वविधालय :-
 
प्रदेश के विभिन्न प्रकार की विकलांगताओं से ग्रसित छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा व्यवसायिक शिक्षा प्रदान करने के उद्‌देश्य से उत्तर प्रदेश विकलांग उद्धार डा० शकुन्तला मिश्रा विश्वविद्यालय की स्थापना जनपद लखनऊ में की गयी है। विश्वविद्यालय के समस्त शैक्षणिक एवं व्यवसायिक पाठ्‌क्रमों में समेकित शिक्षा का प्राविधान है जिसमें सभी प्रकार के पाठ्‌क्रमों में विकलांग छात्र-छात्राओं हेतु 50 प्रतिशत सीटें आरक्षित की गयी हैं। वर्तमान में विश्वविद्यालय में स्नातक] परास्नातक कक्षाओं के साथ-साथ विशिष्ट बी०एड०] एम०एड० एवं बी०बी०ए० आदि पाठ्‌यक्रमों का संचालन किया जा रहा है। इस विश्वविद्यालय का विस्तृत विवरण  http://dsmru.up.nic.in.  पर उपलब्ध है।

5. विकलांग जन हेतु गोरखपुर में मनोविकास केन्द्र की स्थापना
गोरखपुर मण्डल में जापानी इन्सेफलाईटिस से प्रभावित व्यक्तियों के पुनर्वासन हेतु जनपद गोरखपुर के बी०आर०डी० मेडिकल कालेज के आरोग्य भवन में एक मनोविकास केन्द्र की स्थापना की गयी है। इस केन्द्र में इंसेफलाइटिस से प्रभावित (मानसिक मंदित) विकलांग जन को फिजियोथिरैपी, आक्यूपेशनल थिरैपी व ऑडियोमेट्री एवं विभिन्न व्यवसायिक प्रशिक्षण देकर समाज की मुखय धारा से जोड़नें का कार्य किया जाता है।

6
. अमरावती पुरूषोत्तम
बहुउद्‌देशीय विकलांग विकास संस्थान वाराणसी का संचालन :-
सभी श्रेणी के विकलांग जन हेतु जनपद वाराणसी में अमरावती पुरूषोत्तम विकलांग विकास बहुउद्‌देशीय संस्थान संचालित है। इस संस्थान में मानसिक मंदित विकलांग जन को आवासीय सुविधा के साथ स्वरोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है।

7.ब्रेल प्रेस की स्थापना :-
प्रदेश में दृष्टिबाधित छात्रों के पठन-पाठन के लिए ब्रेल पाठ्‌य-पुस्तकों की छपाई हेतु जनपद लखनऊ में राजकीय दृष्टिबाधित इण्टर कालेज के परिसर में ब्रेल प्रेस स्थापित किये जानें हेतु भवन का निर्माण कराया जा चुका है। बेल्जियम से इलेक्ट्रानिक ब्रेल लिपि एम्बासर (प्रिन्टिंग मशीन) की आपूर्ति हेतु स्टेट ट्रेडिंग कारपोरेशन आफ इण्डिया लि० नई दिल्ली को धनराशि उपलब्ध करा दी गयी है। इस प्रेस के संचालन हेतु आवश्यक पदों का सृजन भी किया जा चुका है।

8.मानसिक मंदित विकलांगजन हेतु आश्रय गृह सह प्रशिक्षण केन्द्र:-
प्रदेश के निराश्रित मानसिक मंदित विकलांगजन हेतु 03 मानसिक मंदित आश्रय गृह सह प्रशिक्षण केन्द्र, बेरली (महिलाओं हेतु) गोररखपुर एवं मेरठ (पुरूषों हेतु) की स्थापना की गयी है। इन केन्द्रों की आवासीय क्षमता-50-50 है। इन केन्द्रों में मानसिक विकलांग जन को आश्रय प्रदान किये जानें के साथ-साथ व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान किया जायेगा ताकि उन्हें स्वावलम्बी बनाकर समाज की मुखय धारा से जोड़ा जा सके।

9.दृष्टिबाधित छात्र/छात्राओं हेतु छात्रावासों का संचालन:-
दृष्टिबाधित छात्र/छात्राओं को उच्च शिक्षा ग्रहण करनें हेतु आवासीय सुविधा उपलब्ध करानें के उद्‌देश्य से लखनऊ में छात्र-छात्राओं हेतु एक-एक, गोरखपुर में छात्र-छात्राओं हेतु एक-एक, इलाहाबाद में छात्रों हेतु एक तथा मेरठ में छात्रों हेतु एक कुल 06 छात्रावास की स्थापना की गयी है। प्रत्येक छात्रावास की स्वीकृत क्षमता-200-200 छात्र-छात्राओं की है।