सूचना का अधिकार

4b (ii) अधिकारी/कर्मचारियों की शक्तियां एवं दायित्व

 उ०प्र० कार्य (बटवारा) नियमावली-1975 के अनुसार अनुभागों के मध्य में कार्य बटवारा निम्नवत् है :-

विकलांग कल्याण अनुभाग-1

  1. विकलांग कल्याण निदेशालय के समूह 'क' व 'ख' श्रेणी के अधिकारियों का अधिष्ठान संबंधी कार्य, अनुशासनिक कार्यवाही, स्थानान्तरण, तैनाती आदि।

  2. समूह 'ग' व 'घ' श्रेणी के अधिकारियों को निदेशक द्वारा दिये गये दंड के विरूद्ध प्रत्यावेदनों पर निर्णय।

  3. अधिकारियों/कर्मचारियों द्वारा दायर किये गये मुकदमे।

  4. विभाग के अन्तर्गत स्थापित विद्यालयों/कर्मशालाओं का अधिष्ठान संबंधी कार्य।

  5. जिला पुनर्वास केन्द्र/डी०डी०आर०सी० से संबंधित कार्य।

  6. विकलांगों के विकास संबंधी भारत सरकार की नीतियों एवं कार्यक्रमों का कार्यान्वयन।

  7. विकलांग कल्याण के संबंध में राष्ट्रीय संस्थानों के साथ समन्वय।

  8. गैर सरकारी संस्थाओं के विकलांगों के कल्याण कार्य के लिए सहायता संबंधी कार्य।

  9. विधान मंडल द्वारा मांगी गयी सूचनाओं/प्रश्नों/विभिन्न नियमों के अन्तर्गत मांगी गयी सूचनाओं से संबंधित समस्त कार्य।

विकलांग कल्याण अनुभाग-2

  1. विकलांगों के कल्याण संबंधी कार्यो हेतु अन्तर विभागीय समन्वय।

  2. सेवाओं में आरक्षण एवं सेवायोजन का पर्यवेक्षण।

  3. विकलांगों के लिए विशेष शिक्षा तथा व्यवसायिक प्रशिक्षण।

  4. गैर सरकारी संस्थाओं/माता-पिता/सरकारी अधिकारियों/कर्मचारियों का विकलांगों के कल्याण संबंधी प्रशिक्षण।

  5. बाह्य सहायता एवं सहयोग।

  6. राज्य एवं केन्द्रीय सार्वजनिक उद्यमों तथा निजी क्षेत्र के उद्यमों एवं उनके संगठनों से विकलांग कल्याण के लिए सहयोग प्राप्त करना।

  7. विकलांगों से संबंधित योजनायें, आय-व्ययक तथा अन्य प्रशासनिक मामले।

  8. बजट संबंधी एवं आडिट आपत्तियों के निस्तारण से संबंधित समस्त कार्य।

विकलांग कल्याण अनुभाग-3

  1. नि:शक्त जन (समान अवसर, अधिकार संरक्षण एवं पूर्ण भागीदारी) अधिनियम, 1995 का सम्पूर्ण कार्य, जिसमें राज्य समन्वय समिति/राज्य कार्यकारी समिति की बैठकें, नामांकन, विकलांगो के लिए आरक्षण की व्यवस्था, विभागों से समन्वय तथा सूचनायें एकत्र करना, अधिनियम के विभिन्न प्राविधानों के अन्तर्गत नियम/नियमावलियां तैयार करना एवं उनके प्रख्यापन करने की कार्यवाही आदि सम्मिलित है।

  2. भारत सरकार तथा मुख्य विकलांग जन आयुक्त द्वारा अधिनियम के विभिन्न प्राविधानों के संबंध में मांगी गयी सूचनाओं का प्रेषण।

  3. राष्ट्रीय विकलांग वित्त एवं विकास निगम द्वारा संचालित योजनाओं का क्रियान्वयन।

  4. विकलांगों/संस्थाओं से अधिनियम से संबंधित प्राप्त शिकायतों का निराकरण।

  5. आयुक्त एवं उपायुक्त कार्यालय से संबंधित समस्त कार्य (बजट को छोड़कर)।

  6. अधिनियम से संबंधित लोकसभा/राज्यसभा/विधानसभा/विधान परिषद सूचनाओं एवं विभिन्न नियमों के अन्तर्गत मांगी गयी सूचनाओं से संबंधित समस्त कार्य।

  7. अधिनियम से संबंधित विभिन्न संगठनों से प्राप्त मांग-पत्रों/सुझावों पर कार्यवाही से संबंधित समस्त कार्य।

 

विभागाध्यक्ष स्तर
 

शासन के अधीन विभागाध्यक्ष कार्यालय हैं। इनका प्रमुख कार्य शासन की नीतियों का कार्यान्वयन एवं स्वीकृत परियोजनाओं का निष्पादन करना है। विभागाध्यक्ष के अधीन मंडल एवं जिले स्तर के अधिकारी/कर्मचारी/कार्यालय आते हैं। निदेशक,विकलांग कल्याण तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के नियुक्ति प्राधिकारी हैं। अत: ऐसे कर्मचारियों के सेवा संबंधी मामलों (अपील आदि को छोड़कर) में निर्णय लेने का अधिकार निदेशक को है।
 

विकलांग कल्याण विभाग के अन्तर्गत दो विभागाध्यक्ष घोषित है :-

  1. निदेशक, विकलांग कल्याण।

  2. आयुक्त, विकलांग जन।

पता एवं दूरभाष संख्या 

निदेशालय, विकलांग कल्याण,
दसवां तल, इन्दिरा भवन,
लखनऊ
फोन सं०-0522-2287267
              0522-2287089

कार्यालय आयुक्त विकलांगजन,
21, कृष्णा कालोनी, फैजाबाद रोड,
लखनऊ
फोन सं०:-0522-2328004

 

प्रशासनिक व्यवस्था-

निदेशक, विकलांग कल्याण

मुख्य वित्त एवं लेखाधिकारी-1

अपर निदेशक-1

उपनिदेशक मुख्यालय-2

मण्डलीय उपनिदेशक-5

जिला विकलांग कल्याण अधिकारी-46

 

प्रधानाचार्य/अधीक्षक, विभागीय संस्थायें

 

विभाग के अधीन 15 विशेष विद्यालय एवं 7 कर्मशालायें संचालित हैं जिनका विवरण निम्नवत् है:-

  1. राजकीय स्पर्श विद्यालय, लखनऊ।

  2. राजकीय स्पर्श विद्यालय, गोरखपुर।

  3. राजकीय स्पर्श विद्यालय, बाँदा।

  4. राजकीय स्पर्श विद्यालय (बालिका), सहारनपुर।

  5. राजकीय संकेत विद्यालय, आगरा।

  6. राजकीय संकेत विद्यालय, गोरखपुर।

  7. राजकीय संकेत विद्यालय, फतेहगढ़, फर्रूखाबाद।

  8. राजकीय संकेत विद्यालय, बरेली।

  9. राजकीय प्रयास विद्यालय, लखनऊ।

  10. राजकीय प्रयास विद्यालय, प्रतापगढ़।

  11. राजकीय ममता विद्यालय, लखनऊ।

  12. राजकीय ममता विद्यालय, इलाहाबाद।

  13. राजकीय स्पर्श विद्यालय (बालिका), लखनऊ।

  14. राजकीय स्पर्श विद्यालय (बालिका), गोरखपुर।

  15. राजकीय स्पर्श विद्यालय , मेरठ।

  1. कौशल विकास केन्द्र, मिर्जापुर।

  2. कौशल विकास केन्द्र, गौतमबुद्नगर।

  3. कौशल विकास केन्द्र, मुरादाबाद।

  4.  कौशल विकास केन्द्र, लखनऊ।

  5. कौशल विकास केन्द्र, बाँदा।

  6. कौशल विकास केन्द्र, आगरा।

  7. कौशल विकास केन्द्र, गोरखपुर।

 

आयुक्त-विकलांग जन

विकलांग जन आयुक्त कार्यालय की स्थापना 18 सितम्बर, 1998 के आदेश से की गई थी। नि:शक्त जन अधिनियम की धारा-60 के अन्तर्गत इसकी स्थापना की गई है। इसमें निम्न पद सृजित है:-

1)

आयुक्त, विकलांग जन

1 पद

2)

उपायुक्त, विकलांग जन

5 पद

3)

विधि अधिकारी

1 पद

4)

सहायक विधि अधिकारी

1 पद

आयुक्त विकलांग-जन एक क्वासी जूडिशियल बाडी है। इसे सिविल कोर्ट के समान अधिकार प्राप्त है। अधिनियम में दिये गये अधिकारों के हनन की दशा में आयुक्त के समक्ष विकलांग-जनवाद दायर कर सकते है। विकलांग-जनों की शिकायतों/समस्याओं तथा वादों की सुनवाई के लिए जिलाधिकारी को अपर आयुक्त विकलांग जन नियुक्त किया गया है ताकि समस्याओं का तत्परतापूर्वक निराकरण हो सके।