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विकलांग जन हेतु
गोरखपुर में मनोविकास केन्द्र की स्थापना
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गोरखपुर मण्डल में जापानी इन्सेफलाईटिस से प्रभावित व्यक्तियों के
पुनर्वासन हेतु जनपद गोरखपुर के बी०आर०डी० मेडिकल कालेज के आरोग्य
भवन में एक मनोविकास केन्द्र की स्थापना की गयी है। इस केन्द्र में
इंसेफलाइटिस से प्रभावित (मानसिक मंदित) विकलांग जन को फिजियोथिरैपी,
आक्यूपेशनल थिरैपी व ऑडियोमेट्री एवं विभिन्न व्यवसायिक प्रशिक्षण
देकर समाज की मुखय धारा से जोड़नें का कार्य किया जाता है।
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कौशल विकास केन्द्रों
का संचालन :-
विकलांग कल्याण विभाग के द्वारा विभिन्न श्रेणी के विकलांग
व्यक्तियों के लिए जनपद लखनऊ, बाँदा, गोरखपुर, आगरा,
वाराणसी, मुरादाबाद, गौतमबुद्नगर में
7 कौशल विकास केन्द्र संचालित किये जा रहें है। इन केन्द्रों में दूर दराज के विकलांग
जन को
व्यवसायिक प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें
स्वरोजगारोन्मुखी बनाने का प्रयास किया
जाता है।
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अमरावती पुरूषोत्तम
विकलांग विकास बहुउद्देशीय संस्थान, वाराणसी
:-
सभी श्रेणी के विकलांग जन हेतु जनपद वाराणसी में अमरावती पुरूषोत्तम बहुउद्देशीय
विकलांग विकास संस्थान
खुशीपुर ग्राम में संचालित है। इस संस्थान में
मानसिक मंदित विकलांग जन को
अध्ययन, अध्यापन कार्य के साथ आवासीय सुविधा के साथ स्वरोजगारोन्मुखी
प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है।
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मानसिक मंदित विकलांगजन हेतु आश्रय गृह सह
प्रशिक्षण केन्द्र:-
प्रदेश के निराश्रित
मानसिक मंदित विकलांगजन हेतु 03 मानसिक मंदित आश्रय गृह सह
प्रशिक्षण केन्द्र, बेरली (महिलाओं हेतु) गोररखपुर एवं मेरठ (पुरूषों
हेतु) की स्थापना की गयी है। इन केन्द्रों की आवासीय क्षमता-50-50
है। इन केन्द्रों में मानसिक विकलांग जन को आश्रय प्रदान किये जानें
के साथ-साथ व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान किया जायेगा ताकि उन्हें
स्वावलम्बी बनाकर समाज की मुखय धारा से जोड़ा जा सके।
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दृष्टिबाधित छात्र/छात्राओं
हेतु छात्रावासों का संचालन:-
दृष्टिबाधित छात्र/छात्राओं को उच्च शिक्षा ग्रहण करनें हेतु
आवासीय सुविधा उपलब्ध करानें के उद्देश्य से लखनऊ में
छात्र-छात्राओं हेतु एक-एक, गोरखपुर में छात्र-छात्राओं हेतु एक-एक,
इलाहाबाद में छात्रों हेतु एक तथा मेरठ में छात्रों हेतु एक कुल 06
छात्रावास की स्थापना की गयी है। प्रत्येक छात्रावास की स्वीकृत
क्षमता-200-200 छात्र-छात्राओं की है।
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